By: The Trek News Desk
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि कीव अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों, खासकर अमेरिका के साथ मिलकर ऐसे समझौतों पर काम कर रहा है जो युद्ध के दौरान यूक्रेन की स्थिति को मजबूत कर सकें.
यह बयान उस समय आया जब ट्रंप प्रशासन द्वारा पेश किए गए 28-सूत्रीय शांति प्रस्ताव की यूरोपीय नेताओं ने आलोचना की थी और कहा था कि यह रूस के पक्ष में झुका हुआ है. इस बीच, जेनेवा में तेज़ी से चल रही कूटनीतिक गतिविधियों ने युद्ध के समाधान की संभावनाओं को नई गति दी है.
जेनेवा में यूक्रेन पर हुई बातचीत के बाद जर्मनी ने सोमवार को कहा कि अब “आख़िरकार प्रगति दिखने लगी है” और वार्ताओं का माहौल पहले से बेहतर है. बर्लिन में सरकारी प्रवक्ता सेबास्टियन हिले ने कहा कि जर्मनी “इस सकारात्मक बदलाव का स्वागत करता है” और उम्मीद करता है कि यह गति बनी रहेगी.
फ्रांस ने भी जेनेवा में अमेरिका के साथ हुई चर्चाओं को “रचनात्मक और उपयोगी” बताया. फ्रांसीसी विदेश मंत्री जाँ-नोएल बैरो ने कहा कि यूरोप की सुरक्षा और यूक्रेन की संप्रभुता का सम्मान करने वाली शांति व्यवस्था बनाने के प्रयास जारी हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इस बातचीत के बारे में अपने यूरोपीय समकक्षों और यूक्रेन के विदेश मंत्री से चर्चा की है.

जेनेवा बैठक के बाद यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि “अब उनकी आवाज़ सुनी जा रही है”. रविवार को स्विट्ज़रलैंड में हुई त्रिपक्षीय चर्चा, जिसमें यूक्रेन, अमेरिका और यूरोपीय प्रतिनिधि शामिल थे, जिसके बाद सभी पक्षों ने इसे “रचनात्मक” बताया. यह वार्ता ऐसे समय हुई जब अमेरिकी प्रस्ताव को यह कहकर आलोचना झेलनी पड़ रही थी कि वह रूस की मांगों को अधिक महत्व देता है.
यूक्रेन ने इन चर्चाओं के दौरान अपने प्रमुख “रेड लाइन्स” दोहराए, जिनमें शामिल हैं, रूस द्वारा कब्जा किए गए पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों को अवैध मानते रहना, यूक्रेन की सेना के आकार पर किसी बाहरी दबाव को अस्वीकार करना, और एक स्वतंत्र देश के रूप में भविष्य में किसी भी सैन्य गठबंधन में शामिल होने के अधिकार की रक्षा करना.
जेनेवा की बातचीतों ने स्पष्ट किया है कि यूक्रेन और उसके सहयोगी अब एक ऐसे समाधान की दिशा में बढ़ रहे हैं जो न केवल युद्ध को समाप्त करे बल्कि एक स्थायी और न्यायपूर्ण शांति का रास्ता भी तैयार करे.
Source: News Agencies
