By: The Trek News Desk
अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि वरिष्ठ पेंटागन अधिकारी यूक्रेन पहुंचे हैं, जहां वे रूस के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा करेंगे. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अमेरिकी आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल कर रहे हैं, और वे गुरुवार को राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की से मिलने वाले हैं.
संभावित ‘फ्रेमवर्क शांति योजना’ की खबरें तेज़
बुधवार को कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया कि अमेरिका और रूस ने एक नई ड्राफ्ट शांति योजना तैयार की है. कहा जा रहा है कि इस योजना में यूक्रेन से बड़े समझौते की मांग की गई है, जैसे वर्तमान में उसके नियंत्रण वाले कुछ इलाकों को छोड़ना और अपनी सेना को काफी छोटा करना.
यह योजना कथित तौर पर ट्रंप प्रशासन के दूत स्टीव विटकॉफ़ और रूसी विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव द्वारा तैयार की गई है. लेकिन वॉशिंगटन और मॉस्को ने इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बयान
रुबियो ने X पर लिखा कि “स्थायी शांति के लिए दोनों पक्षों को कठिन लेकिन आवश्यक समझौते करने होंगे,” और अमेरिका दोनों पक्षों के इनपुट पर आधारित संभावित विकल्पों पर काम कर रहा है.
यूरोप की चेतावनी: ‘कोई आत्मसमर्पण स्वीकार नहीं’
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कालास ने कहा कि किसी भी योजना को यूरोपीय देशों और स्वयं यूक्रेन का समर्थन हासिल करना होगा.
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने स्पष्ट किया कि “यूक्रेन किसी तरह का आत्मसमर्पण नहीं चाहता.”
तेर्नोपिल पर रूसी हमले के बीच रिपोर्टें सामने आईं
उसी दिन यूक्रेन के पश्चिमी शहर तेर्नोपिल में रूसी मिसाइल और ड्रोन हमले में 26 लोगों की मौत हो गई. ज़ेलेंस्की के अनुसार, 22 लोग लापता भी हैं.
हमले के समय ज़ेलेंस्की तुर्की में थे. स्थानीय मीडिया में यह भी दावा हुआ कि वहां ट्रंप के दूत से बैठक तय थी, पर बाद में रद्द कर दी गई.
ड्रिस्कॉल के दौरे पर अमेरिकी सेना का बयान
कीव पहुंचने पर अमेरिकी सेना ने किसी भी “फ्रेमवर्क शांति योजना” का उल्लेख नहीं किया.
आर्मी प्रवक्ता कर्नल डेविड बटलर ने कहा, “ड्रिस्कॉल का दल ट्रंप प्रशासन की ओर से एक तथ्य-जांच मिशन पर आया है, जहां वह यूक्रेनी अधिकारियों से मुलाकात कर युद्ध समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा करेगा.”
यह टीम जनवरी में ट्रंप के पद संभालने के बाद से यूक्रेन पहुंचने वाला सबसे वरिष्ठ सैन्य प्रतिनिधिमंडल है. ड्रिस्कॉल के साथ आर्मी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज, यूरोप में अमेरिकी सेना के कमांडर जनरल क्रिस डोनाह्यू, और सार्जेंट मेजर माइकल वीमर भी शामिल हैं.
यूक्रेनी अधिकारी: ‘संघर्ष को वर्तमान नियंत्रण रेखाओं पर रोकने पर सहमति’
मीडिया को एक यूक्रेनी अधिकारी ने बताया कि वार्ता का मुख्य फोकस मैदान की स्थिति और संभावित युद्धविराम पर होगा.
उन्होंने दावा किया, “राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और राष्ट्रपति ट्रंप मौजूदा नियंत्रण रेखाओं पर संघर्ष को रोकने और सुरक्षा गारंटी देने पर सहमत हो चुके हैं.”
यूक्रेन के रक्षा मंत्री डेनिस श्मिहाल ने भी ड्रिस्कॉल से मुलाकात के बाद X पर लिखा कि वार्ता “दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुए ऐतिहासिक रक्षा समझौतों के क्रियान्वयन के अगले कदमों पर केंद्रित रही.”
विटकॉफ़-दिमित्रिएव योजना के दावे
रिपोर्टों के अनुसार, यह 28-सूत्रीय मसौदा योजना फ्लोरिडा के मियामी में हुई तीन दिन की बैठकों के बाद तैयार हुई.
यूरोपीय और यूक्रेनी अधिकारी इन चर्चाओं में शामिल नहीं थे.
मीडिया रिपोर्टस ने सूत्रों के हवाले से कहा कि इस योजना के तहत:
- यूक्रेन को डोनबास के बचे हुए क्षेत्रों से हटना होगा
- सेना का आकार भारी रूप से घटाना होगा
- हथियारों का बड़ा हिस्सा छोड़ना होगा
ज़ेलेंस्की पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं, “कोई भी क्षेत्रीय समझौता स्वीकार नहीं.”
रूस की प्रतिक्रिया
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इन रिपोर्टों को हल्का करते हुए कहा कि इसमें “कोई नई बात” नहीं है और यह सिर्फ ‘स्पिरिट ऑफ़ एंकरेज’ का हिस्सा है, अगस्त में अलास्का में हुई पुतिन-ट्रंप बैठक का संदर्भ. उस बैठक में हुए किसी समझौते को सार्वजनिक नहीं किया गया है.

मॉस्को की वही पुरानी मांगें
रूस ने बार-बार कहा है कि युद्धविराम तभी संभव है जब यूक्रेन:
- क्षेत्र छोड़े
- सेना पर कड़े प्रतिबंध लगाए
- निष्पक्ष (neutral) स्थिति स्वीकार करे
यूक्रेन इन शर्तों को “आत्मसमर्पण” बताकर खारिज कर चुका है.
अमेरिकी दूत की विदाई
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि यूक्रेन के लिए अमेरिकी विशेष दूत कीथ केलॉग जनवरी में पद छोड़ देंगे.
सीनेट मंज़ूरी की 360 दिन की सीमा पूरी होने के बाद उन्होंने इस पद से हटने का निर्णय लिया है.
Source: News Agencies
