By: The Trek News Desk
बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ का नाम एक बड़े निवेश घोटाले में सामने आया है. यह मामला लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी से जुड़ा है, जिसके दोनों कलाकार ब्रांड एंबेसडर थे. पुलिस के अनुसार, इस सोसायटी पर ग्रामीण निवेशकों को भारी मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप है.
निवेशकों से ‘डबल रिटर्न’ का वादा
शिकायतकर्ता बबली, निवासी बागपत, ने स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है. आरोप है कि सोसायटी के एजेंट ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को यह कहकर निवेश के लिए प्रेरित करते थे कि जमा की गई रकम दोगुनी कर लौटाई जाएगी.
श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ ने बतौर ब्रांड एंबेसडर कई प्रचार अभियानों में भाग लिया था, जिससे निवेशकों को संस्था पर भरोसा हुआ.
500 से अधिक निवेशक हुए ठगी का शिकार
मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के करीब 500 निवेशकों को कुल 5 करोड़ रुपये की ठगी का सामना करना पड़ा.
कंपनी ने नवंबर 2024 में अचानक अपनी भुगतान प्रणाली (पेमेंट गेटवे) बंद कर दी, जिसके बाद निवेशकों को रिटर्न मिलना बंद हो गया.
निवेशकों को ₹25,000 से ₹1 लाख तक का रिटर्न देने का वादा किया गया था, जिसे वीडियो विज्ञापनों और ऑनलाइन प्रमोशन के ज़रिए प्रचारित किया गया था.


जांच में शामिल 22 और नाम
एफआईआर में कुल 24 लोगों को नामज़द किया गया है, जिनमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लखनऊ, इंदौर और मुंबई के वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्रीय प्रबंधक और मार्केटिंग एजेंट शामिल हैं.
ये सभी कथित रूप से सोसायटी के वित्तीय लेनदेन में शामिल रहे हैं.
सोसायटी के खिलाफ पहले भी कार्रवाई
यह मामला जुलाई 2025 के बाद अब दोबारा सुर्खियों में आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने श्रेयस तलपड़े को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी.
दरअसल, 3 मार्च 2025 को केंद्रीय सहकारी सोसाइटी रजिस्ट्रार (CRCS) ने सोसायटी को भंग (liquidate) करने का आदेश जारी किया था.
यह कदम तब उठाया गया जब कई निवेशकों ने परिपक्व (matured) जमा राशि का भुगतान न मिलने की शिकायतें दर्ज कराई थीं.
इसके पहले जनवरी 2025 में CRCS ने सोसायटी को अपना संचालन बंद करने की चेतावनी दी थी, और अगस्त 2023 में जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब “विरोधाभासी और असंतोषजनक” पाया गया था.
पहले भी आ चुका था मामला
इसी वर्ष की शुरुआत में श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ का नाम सोनीपत (हरियाणा) में हुए एक मल्टी-लेवल मार्केटिंग घोटाले में भी सामने आया था, हालांकि दोनों ने उस मामले में किसी प्रत्यक्ष भूमिका से इंकार किया था.
Source: News Agencies
