By: The Trek News Desk
पश्चिम अफ्रीकी देशों माली और बुर्किना फासो ने अमेरिकी नागरिकों के अपने देशों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. यह कदम अमेरिका द्वारा माली और बुर्किना फासो के नागरिकों पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध के जवाब में उठाया गया है. दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने मंगलवार देर रात अलग-अलग आधिकारिक बयानों के ज़रिए यह जानकारी दी.
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और पश्चिम अफ्रीका की सैन्य सरकारों के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं. 16 दिसंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यात्रा प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाते हुए 20 और देशों को सूची में शामिल किया था, जिनमें माली, बुर्किना फासो और नाइजर भी शामिल हैं. ये तीनों देश सैन्य शासन के अधीन हैं और इन्होंने क्षेत्रीय संगठन इकोवास (ECOWAS) से अलग होकर एक नया गठबंधन बनाया है.
माली के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि “पारस्परिकता के सिद्धांत के तहत, माली सरकार तत्काल प्रभाव से अमेरिकी नागरिकों पर वही शर्तें और प्रतिबंध लागू करेगी, जो अमेरिका ने माली के नागरिकों पर लगाए हैं.”


इसी तरह, बुर्किना फासो के विदेश मंत्री करामोको जीन-मैरी त्राओरे द्वारा जारी बयान में भी अमेरिकी नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के फैसले की पुष्टि की गई और इसे अमेरिका की नीति का जवाब बताया गया.
व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि इन देशों में सशस्त्र समूहों द्वारा लगातार किए जा रहे हमले यात्रा प्रतिबंध लगाने के प्रमुख कारणों में से एक हैं. माली और बुर्किना फासो लंबे समय से बढ़ती असुरक्षा और हिंसक संगठनों की गतिविधियों से जूझ रहे हैं. सैन्य सरकारों ने सत्ता संभालते समय इन सशस्त्र समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का वादा किया था, लेकिन अब भी क्षेत्र में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं.
Source: News Agencies
