By: The Trek News Desk
अमेरिकी स्पेस कंपनी SpaceX ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए अपने 12वें दीर्घकालिक क्रू मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया. इस मिशन में दो अमेरिकी, एक फ्रांसीसी और एक रूसी अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जो पृथ्वी की कक्षा में लगभग आठ महीने तक वैज्ञानिक अनुसंधान करेंगे.
यह प्रक्षेपण फ्लोरिडा स्थित Cape Canaveral Space Force Station से स्थानीय समयनुसार सुबह करीब 5:15 बजे (EST) किया गया. दो चरणों वाले Falcon 9 रॉकेट के शीर्ष पर स्वचालित Crew Dragon Freedom कैप्सूल लगा था, जो अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर रवाना हुआ.
लॉन्च के दौरान रॉकेट के नौ मर्लिन इंजनों ने ज़ोरदार गर्जना के साथ उड़ान भरी और आसमान में आग की लाल चमक दिखाई दी. यह पूरा दृश्य नासा और स्पेसएक्स के लाइव वेबकास्ट में प्रसारित किया गया.
करीब 34 घंटे की उड़ान के बाद यह क्रू शनिवार दोपहर International Space Station से जुड़ जाएगा, जो पृथ्वी से लगभग 420 किलोमीटर ऊपर परिक्रमा कर रहा है.
यह मिशन “क्रू-12” के नाम से जाना जा रहा है और यह 2020 से अब तक का 12वां दीर्घकालिक मिशन है, जिसे नासा ने स्पेसएक्स के जरिए ISS तक भेजा है.
इस मिशन की कमान 48 वर्षीय अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के हाथों में है, जो पहले भी अंतरिक्ष की यात्रा कर चुकी हैं. उनके साथ शामिल हैं-
- जैक हैथवे, पूर्व अमेरिकी नौसेना पायलट और पहली बार अंतरिक्ष जा रहे अंतरिक्ष यात्री
- फ्रांस की यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनोट
- रूसी कॉस्मोनॉट आंद्रेई फेद्यायेव, जो अपने दूसरे मिशन पर जा रहे हैं
नासा के अनुसार, क्रू-12 को ISS पर पहुंचने के बाद कई वैज्ञानिक, चिकित्सा और तकनीकी प्रयोगों में हिस्सा लेना होगा. इनमें निमोनिया पैदा करने वाले बैक्टीरिया पर अध्ययन, पौधों और नाइट्रोजन-फिक्सिंग सूक्ष्मजीवों के बीच संबंधों पर शोध जैसे प्रयोग शामिल हैं, जिनका उद्देश्य पृथ्वी और अंतरिक्ष दोनों में खाद्य उत्पादन और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है.
ISS दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित अंतरिक्ष संरचना है, जिसकी लंबाई एक फुटबॉल मैदान जितनी है. इसे अमेरिका और रूस के नेतृत्व में कनाडा, जापान और 11 यूरोपीय देशों के सहयोग से संचालित किया जाता है.
इस अंतरिक्ष प्रयोगशाला का पहला हिस्सा 25 वर्ष से अधिक समय पहले लॉन्च किया गया था. शीत युद्ध के बाद अमेरिका और रूस के बीच संबंध सुधारने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण बहुराष्ट्रीय पहल मानी जाती है.
नासा ने स्पष्ट किया है कि वह 2030 के अंत तक ISS को संचालित रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
इस नए मिशन के साथ स्पेसएक्स और नासा ने एक बार फिर अंतरिक्ष सहयोग और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है.
Source: News Agencies
