By: The Trek News Desk
ताइवान के राष्ट्रपति विलियम लाई चिंग-ते ने बुधवार को घोषणा की कि देश अगले आठ वर्षों में रक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए 40 अरब डॉलर का निवेश करेगा. सरकार का कहना है कि यह योजना देश को “प्रौद्योगिकी और नवाचार से संरक्षित अजेय ताइवान” के लक्ष्य के करीब ले जाएगी.
लाई प्रशासन पहले ही रक्षा खर्च लगातार बढ़ा रहा था, लेकिन अमेरिका विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में ताइवान पर अपने सैन्य बजट में और तेजी से वृद्धि करने का दबाव बना रहा है. वाशिंगटन का मानना है कि यह कदम चीन की संभावित आक्रामकता को रोकने में मदद करेगा.
2027 तक उच्च स्तर की संयुक्त युद्ध क्षमता का लक्ष्य
राष्ट्रपति लाई ने कहा कि सेना का उद्देश्य 2027 तक चीन के मुकाबले “उच्च स्तरीय संयुक्त युद्ध तैयारी” हासिल करना है. यह वही वर्ष है जिसे कई अमेरिकी अधिकारी संभावित चीनी सैन्य कार्रवाई की समयरेखा के रूप में चिन्हित कर चुके हैं.
उनके अनुसार, “हमारा अंतिम लक्ष्य स्थायी रक्षा क्षमता स्थापित करना है, जो लोकतांत्रिक ताइवान को किसी भी खतरे से सुरक्षित रख सके.”
अमेरिका का स्वागत, विपक्ष की चिंता
ताइवान में अमेरिकी दूत रेमंड ग्रीन ने इस योजना का स्वागत किया और ताइवान के राजनीतिक दलों से रक्षा-सुदृढ़ीकरण पर सहमति बनाने की अपील की.
लाई का कहना है कि अतिरिक्त बजट अमेरिकी हथियारों की नई खरीद और ताइवान की विषम युद्ध (asymmetric warfare) क्षमता बढ़ाने में लगाया जाएगा.
हाल ही में अमेरिका ने ताइवान को 330 मिलियन डॉलर मूल्य के पुर्जों और रक्षा उपकरणों की बिक्री की अनुमति दी है, यह ट्रंप प्रशासन की वापसी के बाद पहली सैन्य बिक्री है.
दूसरी ओर, बीजिंग के ताइवान मामलों के कार्यालय ने ताइपेई पर “बाहरी ताकतों के प्रभाव में आने” का आरोप लगाया.

GDP का बढ़ा हिस्सा रक्षा पर, लेकिन संसद में चुनौती
लाई इससे पहले रक्षा खर्च को अगले साल GDP के 3% से ऊपर, और 2030 तक 5% तक ले जाने की योजना की घोषणा कर चुके हैं.
जबकि ट्रंप ताइवान से GDP के 10% तक रक्षा खर्च की मांग कर चुके हैं, जो अमेरिका और उसके प्रमुख सहयोगियों की तुलना में कई गुना अधिक है.
सरकार ने अगले वर्ष के लिए NT$ 949.5 अरब (लगभग 30 अरब डॉलर) का रक्षा बजट प्रस्तावित किया है, जो GDP का लगभग 3.32% है.
हालांकि संसद में बजट आसानी से पारित होना सुनिश्चित नहीं है. मुख्य विपक्षी दल कुओमिन्तांग (KMT), जो चीन के साथ करीबी रिश्तों की वकालत करता है, और ताइवान पीपल्स पार्टी, दोनों ही बजट स्वीकृति की प्रक्रिया में अहम भूमिका रखते हैं.
नव-निर्वाचित KMT प्रमुख चेंग ली-वुन पहले ही कह चुके हैं कि “ताइवान के पास इतना धन नहीं है” कि वह इतने बड़े रक्षा खर्च को वहन कर सके.
T-Dome एयर डिफेंस सिस्टम पर जोर
राष्ट्रपति लाई के अनुसार, यह अतिरिक्त बजट “टी-डोम” नामक बहु-स्तरीय हवाई रक्षा प्रणाली के विकास को तेज करेगा, जो ताइवान की रक्षा परतों को और मज़बूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
Source: News Agencies
