चीन से बढ़ते रिश्तों पर ट्रंप की चेतावनी, ब्रिटेन के लिए बताया ‘बेहद खतरनाक’ सौदा

By: The Trek News Desk

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने को लेकर ब्रिटेन को कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ इस तरह के सौदे करना ब्रिटेन के लिए “बहुत खतरनाक” साबित हो सकता है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर चीन दौरे पर हैं और दोनों देशों के बीच रिश्तों को नए सिरे से मज़बूत करने की कोशिश की जा रही है.

डोनाल्ड ट्रंप ने यह टिप्पणी अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री के प्रीमियर के दौरान की. जब उनसे पूछा गया कि ब्रिटेन द्वारा चीन के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ाने पर उनका क्या विचार है, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह कदम जोखिम भरा है.

ट्रंप की इस प्रतिक्रिया के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय (डाउनिंग स्ट्रीट) ने स्पष्ट किया कि अमेरिका को इस चीन दौरे और इसके उद्देश्यों की जानकारी पहले से थी. साथ ही यह भी कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप खुद अप्रैल में चीन की यात्रा करने वाले हैं.

ब्रिटेन पर टिप्पणी के बाद ट्रंप ने कनाडा का भी जिक्र किया और कहा कि चीन के साथ सौदे करना कनाडा के लिए तो और भी ज़्यादा खतरनाक है. उन्होंने कहा कि कनाडा की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और उसे चीन को समाधान के रूप में नहीं देखना चाहिए. हाल ही में ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर कनाडा चीन के साथ आर्थिक समझौतों पर आगे बढ़ता है तो उस पर टैरिफ लगाए जा सकते हैं.

यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बीजिंग में मुलाकात के बाद कहा था कि ब्रिटेन-चीन संबंध “मज़बूत और सकारात्मक दिशा” में हैं. स्टारमर ने अपनी बैठकों को बेहद उपयोगी बताया और कहा कि इन चर्चाओं से उसी स्तर की बातचीत संभव हो पाई, जिसकी उम्मीद की जा रही थी.

चीन दौरे के दौरान ब्रिटेन और चीन के बीच कई अहम समझौते सामने आए हैं. इनमें वीज़ा-मुक्त यात्रा, व्हिस्की पर कम टैरिफ और दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका द्वारा चीन में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए करीब 10.9 अरब पाउंड के निवेश का एलान शामिल है. इसके अलावा संगठित अपराध और अवैध आव्रजन जैसे मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है.

चीन में ब्रिटिश चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन क्रिस टॉरेंस ने इस यात्रा को सफल बताया. उन्होंने कहा कि चीन ब्रिटेन के बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है और ऐसे में वहां व्यापारिक संभावनाएं तलाशना व्यावहारिक कदम है. उन्होंने यह भी कहा कि कई पश्चिमी नेता हाल के महीनों में चीन जा चुके हैं या जल्द जाने वाले हैं, जिनमें राष्ट्रपति ट्रंप भी शामिल हैं.

हालांकि, ब्रिटेन में विपक्ष ने इस यात्रा की आलोचना की है. शैडो होम सेक्रेटरी क्रिस फिल्प ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चीन जाकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने झुक गए हैं और सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता कर रही है.

गौरतलब है कि 2025 में अमेरिका ब्रिटेन का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था, जबकि चीन चौथे स्थान पर रहा.

Source: News Agencies

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