By: The Trek News Desk
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की सेना ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है. ईरानी सैन्य कमान खातम अल-अनबिया ने रविवार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि देश के ईंधन और ऊर्जा ढांचे पर हमला किया गया, तो अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और समुद्री जल शोधन (डिसेलिनेशन) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा.
यह बयान ऐसे समय में आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान के पावर प्लांट्स को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा.
गौरतलब है कि होर्मुज़ वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक बेहद अहम मार्ग माना जाता है. हाल ही में क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में चिंता बढ़ गई है.
ईरानी सैन्य बयान के अनुसार, “पहले भी चेतावनी दी जा चुकी है कि यदि हमारे ऊर्जा संसाधनों को नुकसान पहुंचाया गया, तो जवाबी कार्रवाई में दुश्मन के अहम ढांचे को निशाना बनाया जाएगा.”
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बयानबाज़ी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा स्थिति पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है.
Source: News Agencies
