इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भ्रष्टाचार मामलों में राष्ट्रपति से की माफ़ी की गुज़ारिश

By: The Trek News Desk

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को इसराइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग को एक औपचारिक माफी की अपील प्रस्तुत की, जो उनके खिलाफ लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार मामलों से संबंधित है. राष्ट्रपति हर्जोग के कार्यालय से इस संबंध में एक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है, “राष्ट्रपति कार्यालय इस बात से अवगत है कि यह एक असाधारण अपील है, जो कई महत्वपूर्ण निहितार्थ लेकर आती है. सभी संबंधित विचारों के बाद, राष्ट्रपति जिम्मेदारी और ईमानदारी से इस अनुरोध पर विचार करेंगे.”

नेतन्याहू की माफ़ी की गुज़ारिश में 111 पृष्ठों का एक याचिका पत्र शामिल था, जिसे उनके वकील अमित हदाद ने राष्ट्रपति को सौंपा. इसके साथ ही, नेतन्याहू ने व्यक्तिगत रूप से एक पत्र भी लिखा. राष्ट्रपति हर्जोग के कार्यालय ने इस पूरी याचिका को सार्वजनिक किया है.

हदाद ने याचिका में लिखा, “इस अनुरोध को मंजूरी देने से प्रधानमंत्री को अपने समय, क्षमताओं और ऊर्जा को पूरी तरह से इसराइल के मौजूदा संकटों का सामना करने और देश के लिए आगामी अवसरों पर काम करने के लिए समर्पित करने का मौका मिलेगा. इसके अलावा, इस कदम से विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच की खाई को भी पाटने में मदद मिलेगी, और तनाव को कम करने का रास्ता खुलेगा, जो देश की राष्ट्रीय क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक है.”

ट्रम्प का भी समर्थन

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हर्जोग को एक पत्र भेजकर नेतन्याहू के लिए माफी की गुजारिश की थी. हालांकि, नेतन्याहू ने पहले यह स्पष्ट किया था कि वह अपनी भ्रष्टाचार की सुनवाई के लिए माफी नहीं मांगेंगे, अगर इसका मतलब अपनी गलती को स्वीकार करना होता है.

भ्रष्टाचार आरोपों का सामना कर रहे हैं नेतन्याहू

नेतन्याहू पर एक रिश्वतखोरी का आरोप और तीन मामलों में धोखाधड़ी और विश्वास का उल्लंघन के आरोप हैं. यह आरोप तीन अलग-अलग भ्रष्टाचार मामलों से जुड़े हैं, जिनकी सुनवाई 2020 से चल रही है और अब तक यह मामले निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं.

नेतन्याहू ने इन आरोपों का लगातार खंडन किया है और अपनी बेगुनाही का दावा किया है. अगर राष्ट्रपति हर्जोग यह माफी प्रदान करते हैं, तो यह एक ऐतिहासिक कदम होगा, क्योंकि राष्ट्रपति के पास अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए व्यक्तियों को माफी देने का अधिकार है, और कुछ विशेष मामलों में यह प्रक्रिया मुकदमे के खत्म होने से पहले भी हो सकती है.

राष्ट्रपति का निर्णय और प्रक्रियाएँ

हर्जोग के कार्यालय ने कहा है कि माफी के लिए जमा की गई याचिका को राष्ट्रपति निवास के कानूनी विभाग में भेजा जाएगा. वहां से विधायी विभाग सभी संबंधित अधिकारियों से उनके विचार एकत्र करेगा और इसके बाद उनके कानूनी सलाहकार को सिफारिशें भेजी जाएंगी.

राष्ट्रपति का कार्यालय इस बात से अवगत है कि यह एक असाधारण मामला है, और इसके लिए उचित विचार-विमर्श के बाद ही निर्णय लिया जाएगा.

Source: News Agencies

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