अनिल अंबानी कंपनियों पर कथित बैंक धोखाधड़ी: सुप्रीम कोर्ट ने CBI और ED से जवाब मांगा

By: The Trek News Desk

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अनिल अंबानी-प्रेरित रिलायंस कम्युनिकेशंस और उससे जुड़ी कंपनियों द्वारा कथित बैंक धोखाधड़ी की स्वतंत्र और कोर्ट-निगरानी वाली जांच की मांग पर केंद्र और केंद्रीय एजेंसियों को नोटिस जारी किया. याचिकाकर्ता का दावा है कि यह “भारत के इतिहास का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट फ्रॉड” हो सकता है.

शीर्ष अदालत ने केंद्र और एजेंसियों को भेजा नोटिस

मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की बेंच ने केंद्र सरकार, CBI, ED, अनिल धीरूभाई अंबानी समूह और अनिल अंबानी को नोटिस जारी किया.
याचिका पूर्व केंद्रीय सचिव ई.ए.एस. शर्मा ने दायर की है.

“2007 से जारी है धोखाधड़ी, FIR तो इस साल हुई”

याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने अदालत को बताया कि कथित बैंक धोखाधड़ी 2007-08 से चल रही है, लेकिन FIR साल 2025 में दर्ज की गई.
भूषण ने कहा कि CBI और ED को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे वास्तव में किन पहलुओं की जांच कर रहे हैं, क्योंकि “बैंकों की मिलीभगत” पर कोई कार्रवाई दिखाई नहीं देती.

सिर्फ 2025 की FIR नहीं, पूरी सच्चाई की जांच हो: याचिका

याचिका में कहा गया है कि जांच केवल 2025 में दर्ज FIR या उस पर आधारित ED की कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए.
इसमें दावा किया गया है कि कई सार्वजनिक दस्तावेज़, रिपोर्ट और ऑडिट में गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुई हैं, जिनकी जांच अभी तक एजेंसियों ने नहीं की.

फॉरेंसिक रिपोर्ट के बावजूद कार्रवाई में देरी

याचिका के अनुसार, बैंक को 2020 की फॉरेंसिक रिपोर्ट में ही यह संकेत मिल गए थे कि धन का गलत इस्तेमाल, काल्पनिक लेनदेन, एवर्ग्रीनिंग और शेल कंपनियों का उपयोग किया गया.
इसके बावजूद बैंक ने अगस्त 2025 तक कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या बैंक अधिकारियों ने जानबूझकर देरी की या आरोपित कंपनियों को बचाने में भूमिका निभाई.

“CBI और ED ने संस्थागत मिलीभगत की जांच ही नहीं की”

याचिका में कहा गया है कि जांच एजेंसियों ने बैंक अधिकारियों और अन्य सार्वजनिक सेवकों की भूमिका पर ध्यान ही नहीं दिया, जबकि इसी “संस्थागत मिलीभगत” से कथित धोखाधड़ी संभव हुई.
याचिकाकर्ता के अनुसार, यह पहलू जांच से बाहर रखना संपूर्ण आपराधिक साज़िश के महत्वपूर्ण हिस्से को अछूता छोड़ देता है.

Source: News Agencies

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